Hub- हब के प्रकार, Features, फायदे और नुकसान बताये। हिंदी में-

Present Time में निरंतर लोगों के पास बहुत सारी टेक्नोलॉजी आ चुकी है परंतु future का कुछ कह नहीं सकते। आखिर कब टाइम बदल जाए इसका किसी को मालूम नहीं है। कब नई नई टेक्नोलॉजी लॉन्च हो जाए इसका कोई अनुमान नहीं है। धीरे-धीरे सभी क्षेत्र में Growth हो रही है। आज तो लोगों के पास ऐसी-ऐसी सुविधाएं हर समय तत्पर रहती है जिन्हें यूज़ करना काफी आसान है। Hub भी इन्हीं टेक्नोलॉजी में से एक है। जिसके बारे में हम संपूर्ण जानकारी जानने की पूरी कोशिश करेंगे। तो आइए दोस्तों बिना देर करें जानते हैं-

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Hub क्या है?

दोस्तों आपको मालूम है कि नेटवर्क कनेक्शन को कई सारे कंप्यूटर में विभाजित किया जा सकता है किंतु इसके लिए एक प्लेटफार्म की जरूरत होती है और जिसको Hub कहते हैं। Hub वह डिवाइस है जिसकी मदद से कई सारे डिवाइस को कनेक्ट किया जा सकता है। एक Hub में मैक्सिमम कई सारे पोर्ट अवेलेबल होते हैं। जब कोई भी डाटा किसी भी एक पोर्ट के द्वारा Hub के पास पहुंचता है तब Hub उस डाटा को जितने भी कनेक्ट डिवाइस (computer or electronic device) है उन सभी को सेंड कर देता है। इसका उपयोग ज्यादातर LAN में किया जाता है और यहां एक तरह से ethernet आधारित डिवाइस है। इसको विशेष रूप से नेटवर्क शेयरिंग के लिए एक अच्छा और श्रेष्ठ विकल्प कह सकते हैं। इसके लागत कई सारे नेटवर्क डिवाइस की अपेक्षा मिनिमम होती है।

 

Hub कितने प्रकार के होते हैं?

Hub मुख्य रूप से तीन टाइप की होती हैं चलिए विस्तार से जानते हैं-

1. Passive Hub-

Passive Hub यह एक तरह से नॉर्मल नेटवर्क हब होता है और यहां डाटा को शेयर करने के लिए केवल इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल्स का ही यूज करता है मतलब उस डाटा को जिस स्थिति में प्राप्त किया है। उस स्थिति में आगे सेंड करता है बिना रिफ्रेश किये। इसकी खास विशेषता यहां की इसको पावर सप्लाई की जरूरत नहीं पड़ती है। यहां repeater के जैसा भी यूज में आ सकता है।

2. Active Hub-

इस टाइप के जो हब होते हैं उनकी स्वयं की पावर सप्लाई होती हैं। इनको multiport repeater भी कहा जाता है एवं ये एक नेटवर्क पर मैक्सिमम मीडिया डिस्टेंस को भी बूस्ट कर सकते हैं। इसको कनेक्टर के रूप में, डाटा को मॉनिटर करने में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। एक्टिव हब के पास ऐसी क्षमता है कि ये किसी भी नेटवर्क से जो सिग्नल आता है उसको स्वयं ही क्लीन व बूस्ट भी करते हैं।

3. Intelligent Hub-

इंटेलिजेंस हब बिल्कुल एक तरह से इंटेलिजेंट जैसा वर्क करता है। यहां active hub और passive hub से बहुत ज्यादा पावरफुल होता है मतलब जो कार्य एक्टिव और पैसिव हब नहीं कर पाते हैं यहां उनको बड़ी ही सिंपली कर सकता है। इसमें कई सारे फीचर्स होते हैं जैसे- network management, switching, routing etc. इसमें खास रूप से एक बेहतर सॉफ्टवेयर का यूज होता है। एक इंटेलिजेंस हब की मदद से समस्या की वास्तविक जगह को पहचाना जा सकता है अर्थात जब समस्या मालूम चल जाती है तो उसको खत्म करने में बड़ी सरलता होती।

 

Hub के Features कौन-कौन से हैं?

Hub के कुछ मुख्य फीचर्स के बारे में निम्नलिखित जानकारियां दी गई है-

• Hub लगभग 4 से 12 पोर्ट साइज में अवेलेबल होते हैं।
• Hub में ब्रॉडकास्ट जैसी खासियत होती है। मतलब जितने भी डिवाइस कनेक्ट होंगे उन सभी को डाटा सेंड करता है।
• Hub को मात्र लोकल नेटवर्क पर यूज किया जा सकता है।
• Hub में दो डिवाइस एक समय में एक साथ डाटा को सेंड नहीं कर सकते अगर एक साथ डाटा को सेंड करेंगे तो वहां डाटा नष्ट हो जाएगा।
• Hub का कार्य करने का तरीका OSI मॉडल की फिजिकल लेयर पर आधारित है।
• Hub एक नॉन इंटेलिजेंट डिवाइस होता है।
• Hub का इस्तेमाल केवल छोटे नेटवर्क में ही किया जा सकता है।

 

Hub के फायदे क्या हैं?

Hub कुछ फायदे निम्नलिखित प्रदर्शित किए गए हैं-

• Hub भिन्न-भिन्न प्रकार के नेटवर्क मीडिया को सपोर्ट करने में सक्षम होता है।
• इनका cost बहुत ही कम होता है।
• Hub के उपयोग से नेटवर्क परफॉर्मेंस में कोई भी प्रॉब्लम नहीं आती है।
• इनको स्थापित करने में भी कोई प्रॉब्लम नहीं आती है।
• Hub की मदद से एक छोटे नेटवर्क को क्रिएट करना बहुत ही आसान होता है।

 

Hub के नुकसान क्या हैं?

दोस्तों अब हम Hub के द्वारा जो नुकसान होता है उनके बारे में कुछ जानकारियां जानते हैं-

• Hub के इस्तेमाल से virtual LAN बनाना असंभव है।
• इसमें डाटा को फिल्टर करने के लिए कोई भी सुविधा मौजूद नहीं होती है।
• यहां full duplex mode मे वर्क नहीं करता है।
• जो नेटवर्क हब ट्रैफिक होता है। उसको रिड्यूस करने में सक्षम नहीं होता है।
• Hub डाटा को प्रत्येक जुड़े हुए डिवाइस के पास सेंड करता है जिससे ट्रैफिक काफी ज्यादा बढ़ जाता है।

➤ यहां भी जानें- सोलर वॉटर हीटर क्या है? इसके प्रकार, उपयोग, लाभ और कार्यविधि बताये। हिंदी में-

 

हमने क्या सीखा?

आज हमने इस लेख में सीखा कि Hub क्या है? आशा करता हूं कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित हुआ है यदि आपका कोई सा भी प्रश्न है तो आप कमेंट करके पूछ सकते है। साथ में इस लेख को सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों और फैमिली के साथ शेयर जरुर करे।
“Thanks”

 

कुछ FAQ-

Q.1 Hub क्या है in Hindi?
Ans. Hub वह डिवाइस है जिसकी मदद से कई सारे डिवाइस को कनेक्ट किया जा सकता है। एक Hub में मैक्सिमम कई सारे पोर्ट अवेलेबल होते हैं। जब कोई भी डाटा किसी भी एक पोर्ट के द्वारा Hub के पास पहुंचता है तब Hub उस डाटा को जितने भी कनेक्ट डिवाइस (computer or electronic device) है उन सभी को सेंड कर देता है। इसका उपयोग ज्यादातर LAN में किया जाता है

Q.2 Hub के फायदे और नुकसान क्या हैं?
Ans. Hub के फायदे – Hub भिन्न-भिन्न प्रकार के नेटवर्क मीडिया को सपोर्ट करने में सक्षम होता है।
Hub के नुकसान – Hub डाटा को प्रत्येक जुड़े हुए डिवाइस के पास सेंड करता है जिससे ट्रैफिक काफी ज्यादा बढ़ जाता है।

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