Router क्या है? इसकी विशेषताएं, प्रकार, भाग, फायदे और नुकसान बताईये। हिंदी में-

Router क्या होता है? इसके बारे में कई लोगों को जानकारी नहीं है और इसलिए आज हम इस टॉपिक में संपूर्ण जानकारियां इसके बारे में प्राप्त करने वाले हैं इस टॉपिक में हम जानेंगे कि यह क्या है, इसकी विशेषताएं, इसके द्वारा होने वाले फायदे व नुकसान के बारे में आसान शब्दों में जानेंगे। दोस्तों आज टेक्नोलॉजी काफी हद से ज्यादा आगे बढ़ चुकी है लेकिन कई लोगों को उनके बारे में जानकारियां नहीं है। हमारा केवल एक ही मकसद है ज्यादा से ज्यादा लोगों को टेक्नोलॉजी से परिचित कराना। यही टेक्नोलॉजी हमें कब काम आ जाए इसका तो अनुमान भी नहीं है आखिर इसके बारे में हमें पहले से जानकारियां तो होनी चाहिए चलिए बिना देर करें जानते हैं-

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Router क्या होता है?

Router एक तरह से हार्डवेयर नेटवर्किंग डिवाइस है। खास इसका उपयोग नेटवर्क में होता है। मतलब यहां यूजर तक इंटरनेट पहुंचा सकता है। वैसे कई उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। आमतौर पर इसके द्वारा डाटा को सही आईपी एड्रेस तक पहुंचाने के लिए इसका यूज किया जाता है। सन 1974 में सबसे पहला Router डेवलप किया गया था। राउटर में एक सॉफ्टवेयर होता है जिसके द्वारा डाटा को एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क तक सेंड किया जाता है। इतना ही नहीं इसके द्वारा इंटरनेट भी एक्सेस कर सकते हैं। यह डाटा को पैकेट रूप में ट्रांसफर करता है आज के वर्तमान समय में इंटरनेट जो डाटा अवेलेबल है। वहां डाटा पैकेट के रूप में ही अवेलेबल होता है। इसका प्राइस बहुत ही एक्सपेंसिव होता है मतलब इसकी तुलना hub, switch आदि से नहीं की जा सकती क्योंकि यहां बहुत ही एक्सपेंसिव है। वास्तव में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की सहायता से बना हुआ होता है और इसमें विशेष सीपीयू, ऑपरेटिंग सिस्टम, स्टोरेज डिवाइस होते है और इसमें डाटा को ट्रांसफर करने के लिए routing protocols का यूज होता है। राउटर बिल्कुल यूनिक तरीके से वर्क करता है यहां पहले डाटा पैकेट को analyze करता है इसके पश्चात प्रोसेस शुरू करता है और जो भी डिवाइस राउटर के साथ आपस में कनेक्ट होते हैं उन डिवाइस में डाटा को ट्रांसफर कर देता है।

 

Router की विशेषताएं कौन-कौन सी हैं?

Router की कुछ विशेषताएं –

1. यह डाटा को सामान्य तौर पर आईपी एड्रेस के आधार को अपना कर फिल्टर करता है।
2. दो डिवाइस को आपस में कनेक्ट करने के लिए राउटर बहुत ही उचित है।
3. राउटर नेटवर्क के बीच में Route क्रिएट करने का वर्क भी कर सकता है।
4. इसके द्वारा छोटे नेटवर्क बनाना भी बहुत आसान होता है।
5. यह वायरलेस सर्विस भी प्रोवाइड करने में सक्षम होता है।
6. राउटर कई प्रकार के होते हैं। जिनके बारे में हम नीचे और भी जानकारियां जानते हैं।

 

Router के प्रकार क्या है?

राउटर के प्रकार के बारे में निम्नलिखित जानकारियां दी गई है चलिए विस्तार से जानते हैं।

1. Wireless Router-

वायरलेस राउटर आज के टाइम में बहुत ही पॉपुलर है। इसका यूज लैपटॉप एवं स्मार्टफोन जैसे डिवाइस को वाई-फाई कनेक्टिविटी प्रोवाइड करने में होता है। इसकी रेंज मैक्सिमम 150 से 300 फीट तक होती है। इस टाइप के राउटर सिक्योरिटी के मामले में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं। विशेष तौर पर लोगिन के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड की जरूरत होती है।

2. Broadband Router-

इस प्रकार के राउटर को कंप्यूटर को इंटरनेट से कनेक्ट करने के लिए उपयोग में लाया जाता है। इसके लिए एक स्पेशल टाइप का मॉडेम होता है जिसे सामान्यतः इथरनेट और फोन जैक भी होता है। इनके उपयोग से कंप्यूटर को एक हाई स्पीड इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड की जा सकती है। क्योंकि इनकी स्पीड फास्ट होती है। इतना ही नहीं इनको voice over IP technology (VOIP) के लिए भी उपयोग में लाया जाता है।

3. Edge Router-

इस टाइप के राउटर को गेटवे राउटर कहा जाता है। इनको नेटवर्क की बाउंड्री पर स्थापित किया जाता है।

4. Core Router-

इस टाइप के राउटर का यूज सभी तरह के नेटवर्क उपकरणों को इंटरनेट से जोड़ने के लिए किया जाता है। यह बहुत ही फास्ट और पावरफुल डाटा कम्युनिकेशन इंटरफेस प्रोवाइड करते हैं। लैन नेटवर्क की बात करें तो उसमें यह बैकबोन के जैसे वर्क करते हैं।

 

Router के भाग कौन-कौन से है?

राउटर के भाग कुछ इस प्रकार हैं-

1. Central Processing Unit (CPU)-

सीपीयू यहां राउटर का सबसे ही इंर्पोटेंट पार्ट्स है इसको राउटर का दिमाग कहा जाता है। यहां मुख्य रूप से कमांड को प्रक्रिया और एग्जीक्यूट करने में सक्षम होता है।

2. Operating System-

इसका कार्य सभी तरह की प्रोसेस को कंप्लीट करना। जो स्टोरेज रिलेटेड डिवाइस होते हैं। उनको यह निर्देश देता है और बैलेंस बनाए रखने का कार्य करता है।

3. Flash Memory-

फ्लैश मेमोरी का वर्क ऑपरेटिंग सिस्टम को स्टोर करके रखना होता है। यह बिल्कुल कंप्यूटर के हार्ड डिस्क की तरह ही होती है। फ्लैश मेमोरी खास रूप से रूटिंग एल्गोरिथम, रूटिंग प्रोटोकॉल, रूटिंग टेबल को स्टोर करके रखती है।

4. RAM-

रैम को रैंडम एक्सेस मेमोरी कहा जाता है इसके द्वारा राउटर अपनी प्रोसेस को सिंपली एवं फास्ट कर सकता है। इसको अपने वर्क के लिए इलेक्ट्रिसिटी की आवश्यकता होती है।

5. ROM-

इसको इंटरनल कॉम्पोनेंट्स कह सकते हैं इसके द्वारा डाटा पैकेट को रीड करना आसान होता है। यहां बिल्कुल एक चिप की तरह दिखती है और इसमें केवल एक ही बार डाटा को लोड कर सकते हैं।

 

Router के फायदे क्या है?

Router के फायदे –

• राउटर हानिकारक डाटा को आने से रोकता है।
• राउटर एक वक्त में कई सारे नेटवर्क को कनेक्ट कर सकता है।
• यहां नेटवर्क लेयर पर कार्य करता है।
• इसका उपयोग LAN और MAN दोनों रूपों में द्वारा कर सकते हैं।

 

Router के नुकसान क्या है?

Router के नुकसान –

• राउटर एक समय में कई सारे नेटवर्क को कनेक्ट करता है जिस वजह से स्पीड में कमी आती है।
• इनका प्राइस बहुत ही एक्सपेंसिव होता है।
• राउटर में बिजली की आवश्यकता होती है।

 

Top 5 popular Router-

1. Trueview 4G/5G Wireless Router
2. COFE | 4G WiFi | Router | CF-903
3. TP-link N300 WiFi Wireless Router TL-WR845N
4. TP-Link Archer AC1200 Archer C6 Wi-Fi
5. D-Link DIR-825/IIN/J1 MU-MIMO Gigabit Wireless Router

➤ यहां भी जानें- API क्या है कैसे कार्य करता है? प्रकार, उदाहरण और फायदे बताये। हिंदी में-

 

हमने क्या सीखा?

आज हमने इस लेख में सीखा कि Router क्या है? आशा करता हूं कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित हुआ है यदि आपका कोई सा भी प्रश्न है तो आप कमेंट करके पूछ सकते है। साथ में इस लेख को सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों और फैमिली के साथ शेयर जरुर करे।
“Thanks”

 

कुछ FAQ-

Q.1 Router का क्या काम है?
Ans. Router एक तरह से हार्डवेयर नेटवर्किंग डिवाइस है। खास इसका उपयोग नेटवर्क में होता है। मतलब यहां यूजर तक इंटरनेट पहुंचा सकता है। वैसे कई उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। आमतौर पर इसके द्वारा डाटा को सही आईपी एड्रेस तक पहुंचाने के लिए इसका यूज किया जाता है।

Q.2 Router की प्राइस क्या होती है?
Ans. Router की प्राइस करीब 1000 रुपये से स्टार्ट होती है।

 

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