Plotter क्या है? इसके प्रकार, अनुप्रयोग, फायदे और नुकसान बताईये।

दोस्तों आज का टाइम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है इस बढ़ते हुए तेज रफ्तार से चलने वाले टाइम में लोगों ने भी अपनी सूझबूझ से काफी ग्रोथ कर रखी है। पर नहीं जेनरेशन अभी भी पूरी तरह से कई चीजों से वाकिफ नहीं है। आज वहां टाइम चल रहा है जहां हर एक चीज का नॉलेज बहुत जरूरी होता है जहां छोटी चीज भी बड़े से बड़े कार्य को कर सकती है आज का आर्टिकल में हमें ऐसे ही टॉपिक पर चर्चा करने वाले हैं। जिसको Plotter कहते हैं वैसे तो यहां प्रिंटर के जैसे ही होता है। प्रिंटर वैसे तो आज टाइम में सभी जानते हैं पर यहां प्रिंटर से बिल्कुल अनभिज्ञ है। चलिए बिना टाइम गंवाए Plotter क्या है? इस टॉपिक पर विस्तार से जानकारी जानने का प्रयास करते हैं-

 

Plotter क्या है?

Plotter जो की एक आउटपुट डिवाइस होता है तथा यहां वेक्टर ग्राफिक्स को प्रिंट करने में बड़ा काम आता है। प्लॉटर का साइज नॉर्मल प्रिंटर की तुलना में ज्यादा होता है तथा प्राइस में भी ज्यादा होता है। इसका ज्यादातर उपयोग बड़े-बड़े प्रोजेक्ट में होता है जैसे- बड़े आकार के नक़्शे (Map), ग्राफ (Graph), पोस्टर (Poster), चित्र (Drawing) और चार्ट (chart) को प्रिंट करने में बहुत यूजफुल है। इसके अलावा यहां 3D प्रिंटिंग भी करने में सक्षम है। इसकी खास बात यह है कि यह नॉर्मल तरीके से प्रिंट करता है मतलब की टोनर कि जगह पेन, मार्कर या पेंसिल का उपयोग करता है।

पहले के टाइम में प्लॉटर का यूज कंप्यूटर एडेड डिजाइन (CAD) को तैयार करने के लिए होता था परंतु अब प्रेजेंट टाइम में केवल हार्ड कॉपी को प्रिंट करने बहुत उपयोगी हो चुका है। जितने भी अलग-अलग प्रकार के कार्य होते हैं उनके लिए अलग-अलग प्लॉटर का यूज किया जाता है। वास्तव में कहां जाए तो प्लॉटर मुख्य रूप से ग्राफिक्स प्रिंटर होते हैं।

 

Plotter का आविष्कार किसने किया था?

Plotter का आविष्कार सर्वप्रथम “Remington-Rand” ने सन 1953 में किया था। पूर्व समय में यहां केवल कंप्यूटर एडेड डिजाइन (CAD) को क्रिएट करने में होता था परंतु आज वर्तमान समय में यहां हार्ड कॉपी को प्रिंट कर सकता है।

 

Plotter के प्रकार कौन-कौन से हैं?

Plotter के प्रकार निम्नलिखित दिए गए हैं-

1. Drum Plotter –

Drum Plotter इस टाइप के प्लॉटर में एक ड्रम होता है इस ड्रम के भीतर कागज को प्रिंट करने के लिए स्थापित किया जाता है। इसमें खास रूप से प्रिंटिंग के समय पेज को राइट और लेफ्ट घूमने के लिए ड्रम रिवाल्वर का यूज होता है। इस टाइप के प्लॉटर अलग-अलग डिजाइन में प्रिंट कर सकते हैं। मतलब कि यह कलरफुल प्रिंटिंग के लिए विशेष जाने जाते हैं क्योंकि इनमें पेन का प्रयोग होता है और यही पेन अलग-अलग कलर में होती है जिस वजह से ही कलरफुल प्रिंटिंग संभव है।

2. Flatbed Plotter –

Flatbed Plotter इस टाइप के प्लॉटर में पेज को प्रिंट करने के लिए flat surface का उपयोग होता है। दोस्तों फ्लैटबेड प्लॉटर की सर्फेस बिल्कुल फ्लैट यानी की समतल होती है। किसी सरफेस पर पेज को रखा जाता है और उसके पश्चात पेन की हेल्प से इमेज और ग्राफिक्स को पेज पर प्रिंट किया जाता है। इस टाइप के प्लॉटर की खास बात यहां है कि यह ए x और y दोनों अक्षों पर चलते हैं। इनमें कई साइज और कई कलर में पेन अवेलेबल होती है। यह खासकर 60 इंच तक के पेज को भी प्रिंट कर सकते हैं इतना ही नहीं यह प्लास्टिक, कार्डबोर्ड या मेटल जैसी कई सारी चीजों पर भी प्रिंट करने में बहुत सक्षम है।

3. Inkjet Plotter –

Inkjet Plotter यह सभी प्लॉटर से बहुत ही अलग है। मतलब इस टाइप के प्लॉटर ग्राफिक्स और इमेज को प्रिंट करने के लिए पेज पर स्याही की बूंद का छिड़काव करते हैं। उपयोग में यह बहुत ही प्रसिद्धि हासिल कर चुके हैं क्योंकि इनके द्वारा ग्राफिक डिजाइन तो क्रिएट की जा सकती है साथ में विज्ञापन क्रिएट करना भी बहुत सिंपल होता है। यह क्वालिटी में भी बहुत अच्छे हैं। मतलब इनके द्वारा हाई क्वालिटी की ग्राफिक्स क्रिएट की जा सकती है और प्राइस में काफी एक्सपेंसिव है।

4. Electrostatic Plotter –

Electrostatic Plotter इस टाइप के प्लॉटर में वेक्टर ग्राफिक्स के बजाय रास्टर ग्राफिक्स का इस्तेमाल होता है। जिसके द्वारा ही पेज पर प्रिंट की जाती है। यह टोनर स्याही की हेल्प से पेज पर ग्राफिक्स को प्रिंट कर सकते हैं।

 

Plotter के अनुप्रयोग कौन-कौन से हैं?

Plotter के कुछ अनुप्रयोग इस प्रकार है जैसे –

1. प्लॉटर का ज्यादातर इस्तेमाल हाई रेजोल्यूशन वाले वेक्टर ग्राफिक्स और इमेज को प्रिंट करने में होता है।

2. प्लॉटर का यूज CAD (कंप्यूटर एडेड डिजाइन) और CAM (कंप्यूटर एडेड मशीन) में होता है।

3. प्लॉटर का यूज इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट में भी होता है।

4. प्लॉटर के यूज से Diagrams व Maps भी क्रिएट कर सकते हैं।

5. डिजाइन को काटने के लिए भी प्लॉटर काफी उपयोगी होते हैं।

 

Plotter के फायदे क्या है?

Plotter के कुछ फायदे –

1. प्लॉटर की हेल्प से बड़े साइज वाले पेज पर भी इमेज को प्रिंट करना बहुत सिंपल होता है।

2. प्लॉटर से एक फायदा यहां है कि यह प्लास्टिक शीट, लकड़ी, एल्यूमीनियम और स्टील जैसी चीजों में भी इमेज को प्रिंट बड़ी सिंपली कर सकता है।

3. हाई क्वालिटी वाली ग्राफिक्स को प्रिंट करने में बहुत ही अच्छा है

4. प्लॉटर के द्वारा कम समय में काफी अच्छा काम किया जा सकता है।

 

Plotter के नुकसान क्या है?

Plotter के कुछ नुकसान –

1. इनका साइज काफी ज्यादा होता है। प्रिंटर की तुलना में यह बड़े साइज में होते हैं। इनको रखने के लिए बहुत सारी जगह की जरूरत होती है।

2. प्राइस में यह काफी एक्सपेंसिव भी होते हैं।

3. इनको नियमित तरीके से मेंटेन करना बहुत जरूरी होता है।

4. सभी टाइप के प्लॉटर हाई क्वालिटी वाले इमेज को प्रिंट करने में सक्षम नहीं है।

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सारांश-

दोस्तों इस आर्टिकल की मदद से आप जान गए होंगे कि Plotter क्या है? आशा करता हूं कि आपको सभी जानकारी पसंद जरूर आई होगी। इन सभी जानकारियों को अपने Friends, Family के साथ जरूर शेयर करें और आपका अगर कोई सा भी कन्फ्यूजन हो तो Comment करके निसंकोच पूछ सकते हैं।

Thank you

 

कुछ FAQ-

Q.1 Plotter क्या होता है?
Ans. Plotter जो की एक आउटपुट डिवाइस होता है तथा यहां वेक्टर ग्राफिक्स को प्रिंट करने में बड़ा काम आता है। प्लॉटर का साइज नॉर्मल प्रिंटर की तुलना में ज्यादा होता है तथा प्राइस में भी ज्यादा होता है। इसका ज्यादातर उपयोग बड़े-बड़े प्रोजेक्ट में होता है जैसे- बड़े आकार के नक़्शे (Map), ग्राफ (Graph), पोस्टर (Poster), चित्र (Drawing) और चार्ट (chart) को प्रिंट करने में बहुत यूज़फुल है। इसके अलावा यहां 3D प्रिंटिंग भी करने में सक्षम है।

Q.2 Plotter कितने प्रकार के होते हैं?
Ans. Plotter के कुछ प्रकार निम्नलिखित दिए गए हैं जैसे –

1. Drum Plotter
2. Flatbed Plotter
3. Inkjet Plotter
4. Electrostatic Plotter

 

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