Dark Web क्या है इसका उपयोग किन कार्यों में किया जाता है?

हेलो फ्रेंड्स आज के लेख में हम एक ऐसे विषय के बारे में बात करेंगे जो बहुत ही अलग तरह से वर्क करता है। जिसका इंटरनेट के साथ गहरा संबंध होता है। इंटरनेट जिसने आज पूरे विश्व में अपनी जगह ऐसी बना ली है कि जिसको सभी तरह के कार्यों के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। अर्थात जिस प्रकार एक सिक्के के दो पहलू होते हैं ठीक वैसे ही इंटरनेट की दो रूपों में छवि होती है जैसे एक सदुपयोग तथा दूसरा दुरुपयोग परंतु आज की जनरेशन इंटरनेट जैसी महान सुविधा को केवल दुरुपयोग के लिए ही आजमाती है और फिर इसका बाद में गलत रिजल्ट निकलता है Dark Web भी एक ऐसा ही विषय है। जिसके बारे में संपूर्ण जानकारियों को हम नीचे विस्तार से जानेंगे तो आइए दोस्तों बिना देर करें जानते हैं –

 

Dark Web क्या है?

Dark Web जिसका इंटरनेट के साथ ऐसा गहरा संबंध है कि जिसको सर्च इंजन पर इंडेक्स करना असंभव है अर्थात् डार्क वेब, Deep Web का एक अहम् पार्ट है जिसको गूगल, बिंग जैसे सर्च इंजन पर इंडेक्स करना बहुत मुश्किल है। इसको डार्क वेब इसकी विशेषता के कारण कहते हैं इसमें ऐसी विशेषता है जिसको हर कोई व्यक्ति एक्सेस नहीं कर सकता यहां legal और illegal दोनों नतीजों के कार्यों पर निर्भर है। डार्क वेब के अंदर जो अवैध गतिविधियां जैसे – आम जनता को ठगना, कई प्रकार के काले धंधे को मैनेज करना, ऑनलाइन ड्रग की बिक्री को अंजाम देना, हैकिंग इत्यादि ऐसे कार्यों को महत्व दिया जाता है। डार्क वेब को एक्सेस करने के लिए, एडवांस लेवल की जो TOR ब्राउज़र है। इसको इस्तेमाल में लेना पड़ता है। इसके द्वारा एक्सेस करना संभव है इसके अलावा अलग सर्च इंजन की आवश्यकता होती है इसमे जो नॉर्मल वेबसाइट के डोमेन नेम होते हैं उनसे बहुत हटके डोमेन नेम जैसे . Onion का उपयोग किया जाता है। डार्क वेब में सर्वर को खोज पाना
नामुमकिन है क्योंकि इसमें वेबसाइट के IP address को प्राइवेट रखा जाता है इसी कारण सर्वर तक पहुंच पाना ज्यादा मुश्किल होता है।
अंदाजे के अनुसार हम सब केवल 4% जानकारियों को इंटरनेट पर सर्च इंजन में देखते हैं और बाकी जो 96% हिस्सा बचा हुआ होता है। वहां डार्क वेब के रूप में होता है। आप सभी को इन बातों से ज्ञात तो हो गया कि डार्क वेब कितना फैल चुका है। इसने कितनी वृद्धि कर ली हैं।

 

Dark Web का उपयोग किन कार्यों में किया जाता है?

डार्क वेब जिसके बारे में आप ऊपर अच्छे से जान गए होंगे अब डार्क वेब किन कार्यों को अंजाम देने के लिए होता है यहां जानकारी नीचे विस्तार से जानते हैं –

  • डार्क वेब के माध्यम से ऑनलाइन ड्रग की बिक्री की जाती है।
  • नकली पासपोर्ट में डार्क वेब की मदद ली जाती है।
  • डार्क वेब के माध्यम से मानव अंगों की स्मगलिंग की जाती है।
  • डार्क वेब जो चाइल्ड पॉर्न जैसी गंदी चीजों को उपलब्ध कराता है।
  • पर्सनल जानकारियों की चोरी डार्क वेब के द्वारा की जाती है।
  • हैकिंग जैसे कार्यों को भी डार्क वेब सपोर्ट करता है।
  • और भी अन्य प्रकार के घिनौने कार्य डार्क वेब की मदद से किए जाते हैं।

 

Dark Web का इतिहास –

डार्क वेब का इतिहास बहुत प्राचीन है। असलियत में डार्क वेब को सन् 1990 के दशक में अमेरिका ने अपने सैनिकों के लाभ के लिए डेवलप्ड किया था। वास्तव में USA ने अपने सैनिकों के डाक्यूमेंट्स को सिक्योर सेंड करने के लिए Onion Routing तकनीकी का निर्माण किया।
Onion Routing जिसकी विशेषता यह है कि इसमें हैकिंग जैसी समस्या से सामना नहीं करना पड़ता था मतलब इस तकनीक का उपयोग करने से हैकर के द्वारा डाटा को हैक करना एक तरह से नामुमकिन था। इस तकनीक ने डार्क वेब के विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सन् 2002 में डार्क वेब की वास्तविक शुरुआत की गई। तब TOR ब्राउज़र (The Onion Routing Project) के अल्फा वर्जन को लाया गया। TOR जो कि अज्ञात तरीके से इंटरनेट एक्सेस करने की इजाजत देता है। इसी कारण TOR को “Open Source Software” कहा जाता है।
नवीन TOR ब्राउज़र को सन् 2006 में डेवलप किया। TOR एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा कोई भी यूजर आसानी से डार्क वेब तक पहुंच सकता है।
3 साल बाद फिर सन् 2009 में बिटकॉइन नामक क्रिप्टोकरेंसी की शुरुआत की गई जिसके द्वारा डार्क वेब में पैसे की लेन देन को गुप्त रखने में हेल्प मिलने लगीं क्योंकि पहले लोग डार्क वेब में गैर कानूनी काम तो करते थे परंतु पैसे के लेनदेन को गोपनीय रखना असंभव था। इस समस्या को संभव करने के लिए बिटकॉइन को लॉन्च किया। जिसने डार्क वेब में लेनदेन को ओर भी आसान किया।

बात सन् 2011 की है। जब डार्क वेब के गैरकानूनी कामों में बहुत बढ़ोतरी होने लगी। तब सन् 2011 में एक Silk Road नामक ऑनलाइन मार्केटप्लेस डार्क वेब में लांच हुआ। इसके द्वारा ड्रग्स की अवैध तरीके से बिक्री की जाती थी। इन नतीजों को देखकर बाद में इस मार्केटप्लेस पर रोक लगा दी गई। प्रतिबंध लगने से पहले इस मार्केटप्लेस ने ड्रग्स की अवैध तरीके से बिक्री करके अरबों डॉलर की बहुत कमाई कर ली थी। वर्तमान समय में निरंतर डार्क वेब में होने वाली गैरकानूनी गतिविधियां बहुत आगे बढ़ चुकी है और आजकल तो सोशल मीडिया का बहुत चलन है। इसलिए डार्क वेब की कई सारी अवैध गतिविधियां कम समय में हम सब के सामने आ रही है।

 

Dark Web के लाभ –

ऐसा नहीं है कि डार्क वेब सिर्फ गैरकानूनी कार्यो को ही सपोर्ट करता है वास्तव में डार्क वेब के माध्यम से कानूनी कार्य भी सीमा मे रहकर किए जा सकते हैं। सकारात्मक दृष्टिकोण से देखें तो डार्क वेब से हमें कुछ लाभ भी होते हैं जैसे –

  • डार्क वेब जिसके द्वारा आप फाइलों को सुरक्षित माध्यम से साझा कर सकते हैं।

  • डार्क वेब की मदद से आप अज्ञात (unnamed) होकर इंटरनेट का प्रयोग कर सकते हैं।

  • स्टूडेंट्स जिनके लिए पॉजिटिव रूप में डार्क वेब एक अच्छा प्लेटफार्म है जहां स्टूडेंट्स के लिए बहुत सारी अध्ययन सामग्री उपलब्ध रहती है। जो विद्यार्थी किसी चीज के बारे में लंबी रिसर्च कर रहे हैं उनके लिए डार्क वेब अच्छा माध्यम है।

 

Dark Web के नुकसान –

डार्क वेब एक तरफ लाभकारी है तो एक तरफ नुकसान कारी भी है। आइये डार्क वेब के कुछ नुकसान निम्नलिखित माध्यम से जानने की कोशिश करते हैं –

  • डार्क वेब पर बहुत सारे हैकर्स जोकि हैकिंग के मामले में बहुत एक्सपर्ट है। वहां आपकी थोड़ी सी भी गलती के कारण आपका पूरा डाटा हैक हो सकता है।

  • डार्क वेब में ज्यादातर फिशिंग और स्कैम जैसी समस्या का बहुत खतरा रहता है। ये आपकी निजी जानकारियों को चुरा सकते है।

  • डार्क वेब पर आपको बहुत प्रकार के लिंक मिलेंगे जिन पर आपने बिना सोच समझ के क्लिक कर दिया तो आपके सिस्टम में खतरनाक वायरस एंट्री कर जाएंगे और आपको पता भी नहीं चलेगा।

Dark Web कैसे कार्य करता है?

डार्क वेब जिसने गैरकानूनी कामों को बहुत बढ़ावा दिया है। इसकी घटनाएं निरंतर सामने आ रही हैं। डार्क वेब जिसका वर्क बहुत ही अद्भुत है यहां उपयोगकर्ता की पहचान, वहां क्या कर रहा है, क्या एक्सेस कर रहा है इत्यादि जानकारियों को इनविजिबल करके रखता है।
डार्क वेब बिल्कुल डार्क जैसा होता है अर्थात अंधेरा जो सभी चीजों को छुपा देता है अंधेरे कमरे में बिना रोशनी के हम कुछ भी देख नहीं सकते हैं ठीक वैसे ही डार्क वेब है जो यूजर्स की सभी जानकारियों को गुप्त रखता है। जो किसी भी जानकारी को कभी भी उजागर नहीं करता है।

चलिए दोस्तों अब यहां सीखते हैं कि डार्क वेब कैसे वर्क करता है। जिसको निम्नलिखित माध्यम से दर्शाया गया है आइए जानते हैं –

  1. डार्क वेब का यूज करने के लिए आप सर्वप्रथम एक अच्छी सुरक्षा वाला VPN का उपयोग अवश्य करें।

  2. अब आप अपने कंप्यूटर में TOR ब्राउज़र को इंस्टॉल करके, ओपन कर लीजिए। डार्क वेब को नॉर्मल ब्राउज़र से एक्सेस नहीं किया जा सकता इसलिए TOR ब्राउज़र को डाउनलोड करना जरूरी है।

  3. ओपन करने के बाद connect वाले विकल्प पर क्लिक कर दीजिए। अब कुछ के समय बाद आप TOR ब्राउज़र से जॉइन हो जाएंगे और आपके लोकल कंप्यूटर में जो IP Address होता है वहां बदल जाएगा।

  4. अंत में आपका TOR ब्राउज़र डार्क वेब को एक्सेस करने में पूर्ण सक्षम हो जाएगा। इन कुछ स्टेप्स की मदद से आप डार्क वेब को चला पाएंगे।

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सारांश –

हमें आशा है कि आपको Dark Web की सभी जानकारियां पसंद जरूर आई होगी व समझाने में भी किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा होगा अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई Dark Web से रिलेटेड प्रश्न है तो आप निसंकोच होकर Comment करके जरूर पूछ सकते हैं और यहां लेख को सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों, परिवार वालों के साथ शेयर करना ना भूले।

“Thanks To All”

 

Dark Web से संबंधित कुछ FAQ –

  Q.1 डार्क वेब से हम क्या क्या कर सकते हैं?
  Ans. डार्क वेब जिसके द्वारा आप फाइलों को सुरक्षित माध्यम से साझा कर सकते हैं एवं आप अज्ञात (unnamed) होकर इंटरनेट का प्रयोग कर सकते हैं।

  Q.2 डार्क वेब के अंदर ऐसी कौन सी खासियत है कि इसको हर किसी को एक्सेस करने की अनुमति नहीं है?
  Ans. डार्क वेब को एक्सेस करने के लिए, एडवांस लेवल की जो TOR ब्राउज़र है। इसको इस्तेमाल में लेना पड़ता है। इसके द्वारा एक्सेस करना संभव है इसके अलावा अलग सर्च इंजन की आवश्यकता होती है इसमे जो नॉर्मल वेबसाइट के डोमेन नेम होते हैं उनसे बहुत हटके डोमेन नेम जैसे Onion का उपयोग किया जाता है।

  Q.3 डार्क वेब से नुकसान क्या है?
  Ans. डार्क वेब पर आपको बहुत प्रकार के लिंक मिलेंगे जिन पर आपने बिना सोच समझ के क्लिक कर दिया तो आपके सिस्टम में खतरनाक वायरस एंट्री कर जाएंगे और आपको पता भी नहीं चलेगा।

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