Tally क्या है?इसे कैसे सीखे,इसके फायदे,अच्छा करियर,विषय और खर्चा।

दोस्तों आज के आर्टिकल में हम एक ऐसे विषय बारे में बात करने जा रहे हैं इसके बारे में कई लोगों को जानकारी मालूम नहीं है और यहां आज के टाइम पर बहुत ही जरूरी है। आज के समय में सभी कार्य इंटरनेट के माध्यम से बहुत ही सरल हो चुके हैं और एक ऐसा ही सब्जेक्ट के है जिसमें आपके जॉब के चांस हो सकते हैं। आज हम इस लेख में Tally सॉफ़्टवेयर के बारे में जानकारियां जानेंगे। चलिए दोस्तों बिना देर करें नीचे विस्तार से जानते हैं-

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Tally क्या है?

Tally का अर्थ Transactions Allowed in a Linear Line Yards” होता है और यहां ऐसा अकाउंटिंग कंप्यूटर सॉफ्टवेयर होता है जिसका मुख्य रूप से यूज यूजर्स के माध्यम से एकाउंट्स का रिकॉर्ड, हिसाब-किताब एवं उसी के व्यवस्थापन के लिए भी होता है। मतलब की जो बिजनेस से रिलेटेड डाटा होता है उसको मेंटेन करने में टैली उपयोगी होता है। इसको Tally Solutions Pvt Ltd कंपनी द्वारा निर्मित किया गया है। यहां कंपनी बेंगलुरु में स्थित है। इस कंपनी को भारत की प्रसिद्ध कंपनियों में से एक माना जाता है। टैली एक सॉफ्टवेयर का रूप है और इसको बनाने का मूल उद्देश्य पैसे के कैलकुलेशन के लिए किया गया इतना ही नहीं आप इसकी हेल्प से जीएसटी रिटर्न भी कर सकते हैं। टैली सॉफ्टवेयर की हेल्प से आज के जमाने में किसी भी कंपनी के आय-व्यय, फाइनेंशियल प्रॉफिट, प्रॉफिट लॉस इत्यादि जैसी चीजों का रिकॉर्ड रखना बहुत ही सिंपल हो चुका है पहले के समय में बड़ा डिफिकल्ट होता था परंतु आज के समय में तो सब कुछ मुमकिन है।

 

Tally का इतिहास-

अकाउंटिंग जैसा कार्य तो बहुत पूर्व से चला रहा है परंतु पहले ऐसा कार्य कागजों पर होता था किंतु आज प्रत्येक जगह टैली का यूज अत्यधिक किया जा रहा है। “Shyam Sunder Goenka” जिनको टैली का जन्मदाता कहा जाता है। उन्होंने इस सॉफ्टवेयर का आविष्कार सन 1986 में किया था। पूर्व समय में केवल टेक्सटाइल मिल में कच्चे माल की सप्लाई जैसा वर्क करते थे। तब उन्हें यह समझ आया कि बड़े-बड़े हिसाब किताब को रखना बड़ा परेशानी का कार्य है जिसको तत्काल सुलझाने के लिए उन्होंने अपने पुत्र भारत गोयंका मैथमेटिक्स में बहुत ग्रेजुएट थे। उनको
साथ लेकर सर्वप्रथम सॉफ्टवेयर जिसको MS – DOS एप्लीकेशन के रूप में लॉन्च किया था। यहां केवल बेसिक अकाउंटिंग फंक्शन के लिए उसे वक्त जाना जाता था। इसके पश्चात सन 1988 में इसका नाम परिवर्तित करके टैली रखा गया। टैली को विकसित करने के लिए खास रूप से Tally Solution नाम की कंपनी का सहारा लिया गया था।

 

Tally के वर्जन के बारे में-

1. 1990 में- तब पहला वर्जन Tally 4.5 आया था जो की MS–DOS के आधार पर टीका था।

2. 1996 में- इस वर्ष में टैली का दूसरा वर्जन Tally 5.4 आया था इसमें बहुत चेंज देखने को मिले यहां Graphic Interface Version के रूप में देखने को मिला था।

3. 2001 में- यहां टैली का तीसरा वर्जन Tally 6.3 लॉन्च हो चुका था। जो विंडो के आधार पर सामने आया और इसका यूज प्रिंटिंग के लिए होने लगा था।

4. सन 2005 में- इस वर्जन Tally 7.2 में एक अद्भुत Value Added Taxation (मूल्य वर्धित कराधान) गुण देखने को मिला था और यहां वर्जन बहुत ही लेटेस्ट था। भारतीय कस्टमर को बहुत उपयोगी साबित हुआ।

5. सन 2006 में- इस वजन को Tally 8.1 के रूप में रिलीज किया था। यहां न्यू डाटा स्ट्रक्चर के बेस्ट पर सामने आया। इसमें कुछ इंपॉर्टेंट फीचर्स- Point of Sale और Payroll को ऐड किया था। इसके बाद सेकंड वर्जन Tally 9 को भी लॉन्च किया था। इसको बिजनेस मैनेजमेंट सॉल्यूशन के लिए मार्केट में उतारा गया था। इसके फीचर्स- TDS, FBT, Payroll, E-TDS Filing आदि शामिल थे।

6. 2009 में- टैली सॉल्यूशन कंपनी ने सन 2009 में Tally ERP 9 इसको टैली का सबसे Latest version कहां जाने लगा। इसको मुख्य रूप से छोटे-बड़े बिजनेस में इस्तेमाल किया गया था। GST के लिए Tally ERP का बहुत ही उपयोगी साबित हुआ।

7. साल 2015 में- Tally ERP 9 5.0 Version को लांच किया इसमें मुख्य टैक्सेशन तथा कंप्लायंस जैसे फीचर को ऐड किया गया। अभी जो वर्तमान में टैली सॉल्यूशन कंपनी द्वारा अपडेटेड वर्जन GST (Goods and Services Text) बहुत ही लेटेस्ट वर्जन है।

 

Tally सॉफ्टवेयर के फायदे क्या हैं?

टैली सॉफ्टवेयर को सीखने पर कई प्रकार के फायदे होते हैं जिनको निम्नलिखित दर्शाया गया है-

1. टैली कोर्स करने के बाद आप किसी एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के पास जो भी हासिल कर सकते हैं।
2. टैली कोर्स पूरा करने के बाद आप किसी प्राइवेट कंपनी में अपने स्वेच्छा से पार्ट टाइम या फुल टाइम जॉब भी करके अच्छा खासा पैसा अर्न कर सकते हैं।
3. टैली कोर्स करने के पश्चात आप अकाउंटेंट, बुक कीपर इन्वेंटरी मैनेजर इत्यादि जैसी फील्ड में अपना करियर जोड़ सकते हैं।
4. टैली कोर्स कंप्लीट होने के बाद आपको एक प्रमाणित सर्टिफिकेट दिया जाता है। जो आपके संपूर्ण कौशल एवं ज्ञान को प्रमाणित करने के लिए होता है यहां आपके जॉब प्राप्त करने में भी साझेदारी निभाता है।

 

Tally कोर्स को कैसे सीख सकते हैं?

दोस्तों आपके भी मन में जरूर विचार आया होगा कि आखिर टैली कोर्स को कैसे सीख सकते हैं किन प्लेटफार्म के माध्यम से सीख सकते हैं तो चलिए दोस्तों इनके बारे में हम नीचे विस्तार से जानकारियां जानते हैं-

1. इंटरनेट के माध्यम से-

टैली कोर्स को आप इंटरनेट के हेल्प से सीख सकते हैं। इंटरनेट बहुत ही सस्ता एवं कम खर्चीले वाला प्लेटफॉर्म है जिसके द्वारा आप टैली कोर्स के बारे में जानकारियां हासिल कर सकते हैं। यूट्यूब भी एक अच्छा माध्यम है जिसमें आप अपनी स्किल को ओर भी अधिक बढ़ा सकते हैं।

2. ऑफलाइन क्लासेस के माध्यम से-

आपके दोस्तों अगर टैली कोर्स में टॉप करना है अच्छी शिक्षा प्राप्त करनी है तो आप ऑफलाइन कोर्स कर सकते हैं किसी भी कंप्यूटर शिक्षण संस्थान में बिल्कुल डिटेल में सभी जानकारियां बताई जाती है।

3. संस्थानों के माध्यम से-

दोस्तों आप कुछ प्रसिद्ध संस्थाओं के माध्यम से भी टैली कोर्स कर सकते हैं। यह ऐसे संस्थान है जो बहुत ही टॉप में आते हैं।
मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज चेन्नई, संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय अमरावती, सेंट टेरेसा कॉलेज केरल, भोपाल स्कूल ऑफ सोशल साइंस भोपाल, चेन्नई वाईएमसीए इंस्टीट्यूट ऑफ ऑफिस मैनेजमेंट नई दिल्ली।

 

क्या वास्तव में Tally कोर्स करने से अच्छी फील्ड में करियर बन सकता है?

दोस्तों आज के जमाना में निरंतर टेक्नोलॉजी बढ़ती जा रही है। जिसके चलते कई सारी प्राइवेट कंपनियों में एक होनहार प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता बढ़ती जा रही है अगर आप भी टैली कोर्स को किसी भी एक प्लेटफार्म से कंप्लीट कर लेते हैं तो आप इसमें अपना अच्छा तगड़ा करियर बना सकते हैं। वैसे तो इस फील्ड में जाना इतना आसान नहीं है लेकिन कहते हैं ना की सोच अगर कुछ करके दिखाने की हो तो सब कुछ मुमकिन है। आज के टाइम में Tally की डिमांड निरंतर वृद्धि कर रही है जिसके चलते एकाउंटिंग का कार्य ओर वृद्धि कर रहा है। आज वो टाइम चल रहा है जहां गवर्नमेंट जॉब के ऑप्शन काम बल्कि प्राइवेट है। जब के ऑप्शन ज्यादा रहते हैं और इस टाइम में अगर आप भी Tally कोर्स को कंप्लीट करने के लिए अच्छी मेहनत करते हैं तो आप भी पार्ट टाइम या फुल टाइम जॉब को ज्वाइन कर सकते हैं।

 

Tally कोर्स में किन विषय के बारे में सिखाया जाता है?

Tally कोर्स को करने में अगर आपका मन है तो आप निम्नलिखित कुछ महत्वपूर्ण विषय के बारे में जान सकते हैं। जिनको टैली कोर्स में डिटेल में समझाया जाता है। चलिए दोस्तों निम्न माध्यम से जानते हैं-
अकाउंटिंग फंडामेंटल, अकाउंट मेन्टेन, क्रिएट इनवेंटरी, अकाउंटिंग वाउचर, अकाउंटिंग ऑफ बिल, बजट एंड कंट्रोल, सिक्योरिटी कंट्रोल, टैली ऑडिट, बैकअप एंड रिस्टोर, इंटरेस्ट कैलकुलेशन, टैली टू एक्सेल, जेपीईजी, पीडीएफ, चेक प्रिंटिंग, स्प्लिट कंपनी डेटा इत्यादि।

 

Tally कोर्स को करने में कितना खर्च आ सकता है?

इन सभी जानकारी को प्राप्त करने के बाद आपके मन में प्रश्न होगा कि टैली कोर्स को कंप्लीट करने में पूरा कितना खर्च आ सकता है तो दोस्तों यहां आपके ऊपर निर्भर है अगर आप संस्थान में भाग लेते हैं तो उसमें कुछ अलग फीस लगती है। वैसे एक अनुमान के अनुसार 8 से 10 हजार रुपए तक का टोटल इन्वेस्टमेंट आता है।

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सारांश-

दोस्तों इस आर्टिकल की मदद से आप जान गए होंगे कि Tally सॉफ्टवेयर क्या हैं? आशा करता हूं कि आपको सभी जानकारी पसंद जरूर आई होगी। इन सभी जानकारियों को अपने Friends, Family के साथ जरूर शेयर करें और आपका अगर कोई सा भी कन्फ्यूजन हो तो Comment करके निसंकोच पूछ सकते हैं।
Thank you

 

कुछ FAQ-

Q.1 Tally से आप क्या समझते हैं?
Ans. यहां ऐसा अकाउंटिंग कंप्यूटर सॉफ्टवेयर होता है जिसका मुख्य रूप से यूज यूजर्स के माध्यम से एकाउंट्स का रिकॉर्ड, हिसाब-किताब एवं उसी के व्यवस्थापन के लिए भी होता है। मतलब की जो बिजनेस से रिलेटेड डाटा होता है उसको मेंटेन करने में टैली उपयोगी होता है। इसको Tally Solutions Pvt Ltd कंपनी द्वारा निर्मित किया गया है।

Q.2 Tally सॉफ्टवेयर का मालिक कौन है?
Ans. Tally सॉफ्टवेयर का मालिक Shyam Sunder Goenka” है। उन्होंने इस सॉफ्टवेयर का आविष्कार सन 1986 में किया था।

Q.3 Tally का फुल फॉर्म क्या है?
Ans. Tally का फुल फॉर्म “Transactions Allowed in a Linear Line Yards” होता है

 

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