Antivirus क्या है? परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं, लाभ और हानि।

दोस्तों आपको कभी यहां विचार जरूर आया होगा कि आपके कंप्यूटर के अंदर आपका जितना भी डाटा या पर्सनल डाक्यूमेंट्स मतलब कुछ भी हो सकता है। क्या यहां सच में सुरक्षित है? यहां विचार आपके मन में जरूर आया होगा क्योंकि दोस्तों आज का समय बहुत ही खराब चल रहा है। आज पल भर में क्या हो जाए यह किसी को मालूम नहीं अपने कंप्यूटर में अपनी पर्सनल चीजों को सुरक्षित रखना यह एक जिम्मेदारी का काम है क्योंकि आपकी पर्सनल चीजें अगर किसी दूसरे के हाथ में लग जाए तो वहां उन पर्सनल चीजों का गलत उपयोग भी कर सकता है। आजकल हैकर्स बड़ी ही समझदारी से किसी भी यूजर के कंप्यूटर को हैक कर लेते हैं तो इस स्थिति से अगर आप भी बचना चाहते हैं तो आपको Antivirus के बारे में इंफॉर्मेशन जरूर ज्ञात होनी चाहिए क्योंकि Antivirus कंप्यूटर के लिए बहुत ही खास होता है। यहां आपके डाटा को भी अज्ञात व्यक्तियों से बचाता है। चलिए फ्रेंड्स इसके बारे में संपूर्ण जानकारियां नीचे विस्तार से जानते हैं-

Advertisement

 

Antivirus क्या है?

Antivirus यहां सॉफ्टवेयर के रूप में होता है। इसका वर्क कंप्यूटर में जितने भी सीक्रेट वायरस यानी कि जो गुप्त वायरस होते हैं उनको डिलीट करना होता है। एंटीवायरस को विशेष तौर पर एंटी मालवेयर सॉफ्टवेयर के नाम से भी जाना जाता है। एंटीवायरस को बनाने का मूल उद्देश्य यही है कि जितने भी कंप्यूटर सिस्टम में जो छिपे वायरस है पहले उनका पता लगाना फिर उनको खत्म करना। अब जो समय चल रहा है वहां बहुत ही अविश्वसनीय हो चुका है लोगों को अपने डिवाइस में अपने पर्सनल डाटा को रखना भी जटिल जैसा लगता है। कहने का अर्थ की पर्सनल डाटा कभी भी, किसी भी माध्यम से हैकर द्वारा चोरी हो सकता है। हैकर का मूल उद्देश्य लोगों को ठगना होता है। वे डायरेक्ट ही अटैक करते हैं और इस अटैक का यूजर को तनिक भी पता नहीं लगता है। आधुनिक युग में इंटरनेट का जमकर उपयोग हो रहा है जिसके चलते कई लोगों ने अपने पर्सनल डाटा को खो दिया या उनके डाटा को हैकर द्वारा चोरी करके उनको बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। हैकर को किसी भी यूजर की जानकारी इंटरनेट के माध्यम से मिलती है आप जिस किसी भी वेबसाइट पर ज्यादा समय बिताते हैं या किसी अनजान लिंक पर टच करते हैं तो इस माध्यम से हैकर्स अपने कार्य को अंजाम देते हैं यूजर को इसका जरा सा भी पता नहीं लगता है जिसके चलते उन्हें बाद में बहुत ही खतरनाक परिणाम को झेलना पड़ता है। यही अगर डिवाइस में एंटीवायरस अवेलेबल हो तो यहां आपके डिवाइस में हानिकारक वायरस को प्रवेश नहीं करने देता है और अगर आप किसी गलत लिंक या वेबसाइट पर जाते हैं तो एंटीवायरस इस स्थिति में भी आपके डिवाइस को सुरक्षित रखता है।

 

Antivirus के खोजकर्ता कौन है?

वर्ष 1971 में सर्वप्रथम एक क्रीपर नामक वायरस सामने आया था। जिससे निपटने के लिए “Ray Tomlinson” ने पहली बार “द रीपर” नाम से एक एंटीवायरस को क्रिएट किया। क्रीपर नामक वायरस के बाद कई सारे वायरस आते गए। सन 1981 की बात है जब एक खतरनाक वायरस जिसको “Vienna” कहां गया था इसको खत्म करने के लिए जर्मन कंप्यूटर सिक्योरिटी एक्सपर्ट “Bernd Robert” ने एंटीवायरस का निर्माण किया था।

 

Antivirus की विशेषताएं कौन-कौन सी है?

एंटीवायरस की विशेषताएं कुछ इस प्रकार है जैसे-

• एंटीवायरस को जब आप अपने कंप्यूटर सिस्टम में इंस्टॉल करते हैं। तब यहां आपके सभी फाइलों को स्कैन करता है।
• एंटीवायरस मुख्य तौर पर बैकग्राउंड स्कैनिंग की फैसिलिटी भी प्रोवाइड करता है।
• एंटीवायरस कंप्यूटर सिस्टम में से वायरस को ढूंढता है और उन्हें डिलीट करने में माहिर होता है।
• एंटीवायरस कस्टम स्कैन, मेमोरी स्कैन, बूट टाइम स्कैन, फूल सिस्टम स्कैन इत्यादि फैसिलिटी प्रोवाइड करता है।

 

Antivirus के प्रकार बताइए?

एंटीवायरस मुख्यतः तीन भागों में विभाजित है। चलिए दोस्तों निम्न माध्यम से इसके तीन अहम प्रकारों के बारे में जानते हैं-

1. Standalone Antivirus-

इस एंटीवायरस का निर्माण वायरस को ढूंढने और उसे तुरंत डिलीट करने के लिए किया गया है। इसको सिस्टम में इंस्टॉल करने के लिए विशेष रूप से USB Drive की हेल्प ली जाती है। इस वजह से इसको Portable Antivirus Software भी कहते है किंतु बहुत ऐसे भी पोर्टेबल प्रोग्राम होते हैं जो की रियल टाइम सिक्योरिटी नहीं दे सकते केवल इमरजेंसी स्कैन में समर्थन करते हैं।

2. Security Software Suites-

इस टाइप के एंटीवायरस में Standalone के मुकाबले ज्यादा फीचर्स होते हैं और ये 24 Hours यूजर को सुरक्षा प्रोवाइड करने में सक्षम होते हैं। इनका कार्य वायरस को ढूंढना, डिलीट करना एवं डेंजरस सॉफ्टवेयर से कंप्यूटर सिस्टम को सेफ रखना। ये सॉफ्टवेयर यूजर को विशेष रूप से Anti Spyware, Firewall और Parental Control Features जैसी फैसिलिटी प्रोवाइड करने में भी पूर्णता सक्षम होते हैं।

3. Cloud Based Antivirus-

क्लाउड बेस्ड एंटीवायरस बहुत ही लेटेस्ट एंटीवायरस टेक्नोलॉजी कि श्रेणी में आता है। मतलब की इसको मॉडर्न प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी के लिए ही डिजाइन किया है। इसकी विशेषता यहां है कि यह कम मेमोरी के साथ कंप्यूटर सिस्टम में वायरस को ढूंढता है, स्कैन करता है। अन्य एंटीवायरस की तुलना में इसकी वर्क स्पीड बहुत तेज होती है।

 

Antivirus से क्या-क्या फायदे होते हैं?

एंटीवायरस से आपके कंप्यूटर सिस्टम को बहुत प्रकार के फायदे होते हैं। चलिए दोस्तों निम्न माध्यम से जानते हैं-

• एंटीवायरस सॉफ्टवेयर के माध्यम से कंप्यूटर पूर्ण रूप से सुरक्षित रहता है। कंप्यूटर में किसी भी तरह के डेंजरस वायरस को प्रवेश करने से एंटीवायरस रोकता है।
• एंटीवायरस सॉफ्टवेयर सर्वप्रथम डेंजरस वायरस को ढूंढते हैं फिर उनको डायरेक्ट ही डिलीट भी कर देते हैं।
• एंटीवायरस सॉफ्टवेयर स्पैम सिक्योरिटी की सुविधा भी देते हैं यानी कोई सी भी स्पैम ईमेल, स्पैम लिंक, स्पैम एड्स को कंप्यूटर में प्रवेश करने से रोकते हैं।
• एंटीवायरस सॉफ्टवेयर यूजर को फायरवॉल जैसी महत्वपूर्ण फैसिलिटी भी प्रोवाइड करने में सक्षम होते हैं। जिससे आपका डिवाइस बहुत सुरक्षित रहता है।

 

Antivirus से क्या-क्या नुकसान होता है?

एंटीवायरस सॉफ्टवेयर के माध्यम से कुछ नुकसान भी होते हैं। जिन्हें निम्नलिखित दर्शाया गया है आइए विस्तार से जानते हैं-

• एंटीवायरस सॉफ्टवेयर को कंप्यूटर सिस्टम में इंस्टॉल करने से आपके कंप्यूटर पर लोड पड़ता है आपके कंप्यूटर सिस्टम का परफॉर्मेंस धीमा हो जाता है।
• एंटीवायरस सॉफ्टवेयर में सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह होती है कि इनको हर टाइम अपडेट करना ही पड़ता है। इसके बाद ही एंटीवायरस सही ढंग से वर्क कर पाते हैं।
• फ्री वाले एंटीवायरस सॉफ्टवेयर पूर्ण रूप से आपके सिस्टम को एक मजबूत तरह की प्रोटेक्शन नहीं दे पाते हैं।
• कई प्रकार के एंटीवायरस सॉफ्टवेयर में इंटरनेट डाटा पैक महत्व रखता है।
• कुछ एंटीवायरस ऐसे भी होते हैं जिनमें ज्यादा विज्ञापन आते रहते हैं। जिस वजह से यूजर परेशान तो होते हैं और इसके द्वारा कंप्यूटर में वायरस घुसने की भी संभावना बनी रहती है।
• एंटीवायरस सॉफ्टवेयर में कुछ ऐसे भी एंटीवायरस होते हैं। जो की ग्राहक सेवा जैसी सुविधा नहीं दे पाते हैं।

➤ यहां भी जानें- Firewall क्या हैं? यह कंप्यूटर के लिए क्यों जरूरी है? परिभाषा,प्रकार और लाभ।

 

हमने क्या सीखा?

आज हमने इस लेख में सीखा कि Antivirus क्या है? आशा करता हूं कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित हुआ है यदि आपका कोई सा भी प्रश्न है तो आप कमेंट करके पूछ सकते है। साथ में इस लेख को सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों और फैमिली के साथ शेयर जरुर करे।
“Thanks”

 

कुछ FAQ-

Q.1 एंटी वायरस क्या है?
Ans. एंटी वायरस यहां सॉफ्टवेयर के रूप में होता है। इसका वर्क कंप्यूटर में जितने भी सीक्रेट वायरस यानी कि जो गुप्त वायरस होते हैं उनको डिलीट करना होता है। एंटीवायरस को विशेष तौर पर एंटी मालवेयर सॉफ्टवेयर के नाम से भी जाना जाता है।

Q.2 प्रथम वायरस कौन सा है?
Ans. वर्ष 1971 में सर्वप्रथम एक क्रीपर नामक वायरस सामने आया था।

 

Advertisement

Leave a Comment