UPS क्या है? इसके लाभ क्या-क्या हैं? in Hindi

हेलो फ्रेंड्स आज की जनरेशन में लगभग सभी लोगों के पास किसी चीज की कोई कमी महसूस नहीं होती है लेकिन फिर भी अगर कोई ऐसा भी वक्त आता है ऐसे वक्त में भी कुछ चीज बहुत बड़ा कार्य करती है। दोस्तों आज के जमाने में लगभग सभी कंप्यूटर का यूज जरूर करते होंगे तो आज आपके कंप्यूटर की सुरक्षा के लिए एक ऐसा उपाय इस टॉपिक में बताया गया है क्योंकि आपके कंप्यूटर को बहुत सुरक्षित रखता है। इसका तकनीक का नाम “UPS” है। आज इस टॉपिक में हम UPS क्या है? इस विषय पर पूरी जानकारियां विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे तो चलिए दोस्तों बिना वक्त गंवाए आसान से आसान शब्दों में जानते हैं-

 

UPS क्या है?

UPS जिसको मुख्य रूप से बैटरी बैकअप के लिए जाना जाता है। इसके अंदर एक बैटरी मौजूद होती है और उस बैटरी का कार्य अचानक इलेक्ट्रिसिटी जाने पर शुरू होता है। दोस्तों आज के जमाने में लगभग सभी कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं। आपको पता है कि कंप्यूटर में इलेक्ट्रिसिटी की जरूरत होती है। जब इलेक्ट्रिसिटी चल जाती है तो हमारा कंप्यूटर एकदम से ऑफ हो जाता है और हम जिस सिस्टम पर कार्य करते हैं। वह सिस्टम अचानक से बंद हो जाता है हम उस सिस्टम को सेव भी नहीं कर सकते। हमें इलेक्ट्रिसिटी चल जाने पर इतना भी टाइम नहीं मिलता है कि हम कंप्यूटर को शटडाउन कर दे और इसी प्रकार कंप्यूटर इलेक्ट्रिसिटी जाने पर अगर बंद होता है तो कंप्यूटर का विंडो कुछ दिनों में खराब हो जाता है। वहां बिल्कुल भी काम नहीं करता है फिर विंडो को ठीक करने के लिए आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और इसी परेशानी को तत्काल दूर करने के लिए यूपीएस का उपयोग बहुत ही उचित है। इस यूपीएस के यूज से हमारा कंप्यूटर नॉर्मल तरीके से 20 या 40 मिनट तक ऑन रह सकता है और इसी टाइम में हम जिस भी चीज पर वर्क करते हैं। उसको सेव कर सकते हैं और कंप्यूटर को शटडाउन मोड तक भी ले जा सकते हैं। यूपीएस इसके अलावा इलेक्ट्रिसिटी वोल्टेज को भी नियंत्रित करने में सक्षम है। अक्सर ऐसा भी समय आता है कि जब इलेक्ट्रिसिटी वोल्टेज कम एवं ज्यादा भी मिलता है। तब यूपीएस का इस्तेमाल अगर आप करते हैं तो यहां आपके कंप्यूटर को सुरक्षित रखता है। वैसे यूपीएस को हम एक इनवर्टर की तरह भी कह सकते हैं क्योंकि इसकी कार्य विधि इनवर्टर के समान ही होती है।

 

UPS का फुल फॉर्म क्या है?

UPS का फुल फॉर्म “Uninterrupted Power Supply” होता है और इसका हिंदी अर्थ “निर्बाध विद्युत आपूर्ति” है।

 

UPS के प्रकार कौन-कौन से हैं?

UPS के प्रकार के बारे में निम्नलिखित जानकारियां विस्तार से दर्शाई गई है आईए जानते हैं-

1. Line Interactive UPS-

इस तरह के यूपीएस को छोटे व्यवसाय, वेब और डिपार्टमेंट सर्विस में अत्यधिक इस्तेमाल में लाया जाता है। यहां ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों टाइप के यूपीएस का एक तरह से कॉन्बिनेशन रूप होता है। इसकी विशेषता यहां है कि यहां आउटपुट के विद्युत प्रभाव को कंट्रोल करने में पूर्णतः सक्षम होता है।

2. Standby UPS-

इस तरह के यूपीएस को ऑफलाइन यूपीएस के नाम से भी जाना जाता है। यहां परचेस करने में भी बहुत सस्ता होता है। इसकी विशेषता यहां है कि यहां पावर कट होने के तुरंत बाद अपने अंदर बैटरी में सेव पावर को कंप्यूटर में पूर्ण रूप से सप्लाई करता रहता है और जिससे आपका कंप्यूटर तुरंत ऑफ नहीं हो पता है।

3. Standby Online Hybrid UPS-

इस तरह के यूपीएस को ऑफलाइन यूपीएस भी कह सकते हैं और इसका यूज 10kVA के नीचे होता है। इसका जो बैटरी चार्ज होता है उसका साइज अत्यधिक छोटा होता है मतलब Standby UPS के बराबर तथा इसको हाई एनर्जी कैपेसिटी से परिपूर्ण वाला यूपीएस मान सकते हैं।

4. Standby-Ferro UPS-

इस तरह के यूपीएस का पूर्व समय में बहुत उपयोग होता था। इसकी रेंज की बात करें तो करीबन 3-15 kVA के अंतर्गत आती थी। इसकी डिजाइन बहुत ही यूनिक होती है जो अन्य यूपीएस है उनकी तुलना में वजनदार किंतु अब के समय में इसका इस्तेमाल बहुत कम देखने को मिलता है। इसलिए यहां ट्रेंड में देखने को नहीं मिलता है यहां बहुत ज्यादा ही हिट पैदा करता था।

 

UPS के लाभ क्या हैं?

यूपीएस के द्वारा तो वैसे कई प्रकार के लाभ होते हैं किंतु कुछ मुख्य लाभ के बारे में निम्नलिखित जानकारियां कुछ इस प्रकार है आईए जानते हैं-

• यूपीएस के द्वारा कंप्यूटर में जो पावर सप्लाई होती है उसको यूपीएस पूर्णता कंट्रोल भी कर सकता हैं जिससे वोल्टेज का प्रभाव सीधे कंप्यूटर पर नहीं पड़ता है।
• मेन पावर कट ऑफ होने के बाद यूपीएस Emergency Power Source के रूप में तुरंत ही अपने अंदर स्टोर पावर को कंप्यूटर में सप्लाई करता है।
• यूपीएस के कारण पावर कट होने के बाद आपका कंप्यूटर सुरक्षित चालू रहता है। आपका कोई सा भी कार्य रुकता नहीं है।
• यूपीएस तब बहुत फायदेमंद होता है जब आपकी घर की बिजली चल जाती है। तब आप डाटा को लॉस होने से बचा सकते हैं क्योंकि यूपीएस 20 से 40 मिनट तक कंप्यूटर को पावर देने में पूरा सपोर्ट करता है।
• यूपीएस के द्वारा आप अपने मोबाइल फोन को भी कुछ समय के लिए चार्ज कर सकते हैं।

 

UPS से क्या हानियां होती है?

यूपीएस के द्वारा कुछ नुकसान भी होते हैं जिनको निम्नलिखित प्रदर्शित किया गया है-

• यूपीएस को एक बार में फुल चार्ज होने में करीब 6 घंटे का समय लगता है इसकी चार्जिंग स्पीड बहुत ही कम होती है।
• यूपीएस में जो बैटरी स्थित होती है। वहां ज्यादा समय के लिए वर्क नहीं करती है। बल्कि कुछ समय यूपीएस का उपयोग करने के बाद आपको बैटरी चेंज करने की भी नौबत आ सकती है।
• सभी प्रकार के यूपीएस प्राइस में सस्ते नहीं होते हैं बल्कि कुछ जैसे- ऑनलाइन यूपीएस इसका मूल्य बहुत ज्यादा होता है।

 

UPS एवं Inverter में क्या-क्या अंतर होते हैं?

यूपीएस एवं इनवर्टर में बहुत फर्क होता है। आइए दोस्तों निम्न माध्यम से विस्तार से जानते हैं-

1. यूपीएस का बैकअप टाइम 10 से 20 मिनट तक ही होता है तो वहीं इनवर्टर का बैकअप टाइम 24 घंटे के पार भी हो सकता है।
2. यूपीएस का सर्किट बहुत कठिन होता है जबकि इनवर्टर का सर्किट बहुत ही सिंपल रूप में होता है।
3. यूपीएस तीन टाइप का होता है जैसे- ऑनलाइन, ऑफलाइन, इंटरैक्टिव यूपीएस। इनवर्टर दो टाइप में पाया जाता है जैसे- स्टैंडबाई , और ग्रिड टाई इन्वर्टर।
4. यूपीएस AC to DC एवं DC to AC चेंज करता है तो इनवर्टर मात्र DC to AC ही चेंज कर पाता है।

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सारांश-

दोस्तों इस आर्टिकल की मदद से आप जान गए होंगे कि UPS कितना महत्व रखता है।
आशा करता हूं कि आपको सभी जानकारी पसंद जरूर आई होगी। इन सभी जानकारियों को अपने Friends, Family के साथ जरूर शेयर करें और आपका अगर कोई सा भी कन्फ्यूजन हो तो Comment करके निसंकोच पूछ सकते हैं।
Thank you

 

UPS से संबंधित कुछ FAQ-

Q.1 Ups क्या होता है एवं इसका क्या उपयोग है?
Ans. UPS जिसको “Uninterrupted Power Supply” कहा जाता है और इसका अर्थ निरंतर पावर सप्लाई करना। इसका उपयोग खास कंप्यूटर को पावर सप्लाई प्रोवाइड करना होता है।

Q.2 यूपीएस के दो कार्य क्या है?
Ans. यूपीएस के दो कार्य –
• यूपीएस 20 से 40 मिनट तक कंप्यूटर को पावर देने में पूरा सपोर्ट करता है।
• यूपीएस के द्वारा कंप्यूटर में जो पावर सप्लाई होती है उसको यूपीएस पूर्णता कंट्रोल भी कर सकता हैं जिससे वोल्टेज का प्रभाव सीधे कंप्यूटर पर नहीं पड़ता है।

 

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