551 KM दूर से 11 दिन में राम भक्ति में मग्न एक कुत्ता पहुंचा अयोध्या नगरी!

अयोध्या में सभी राम भक्त बहुत ही श्रद्धा पूर्वक अब राम जी का दर्शन करेंगे क्योंकि राम जी की प्राण प्रतिष्ठा पूर्ण रूप से पूरी हो चुकी है। इस पावन बेला से सभी भारतवासी तो प्रसन्न है साथ में जितने भी जीव जंतु या जानवर है वह भी बहुत ही खुश होंगे। आखिर राम जी अपने सिंहासन पर जो विराजमान हुए हैं। ऐसा नहीं है कि दोस्तों सिर्फ हम इंसानों में ही भक्ति का भाव जगाता है जीव जंतु या जानवर भी भगवान के प्रिय होते हैं। इनमें भी भक्ति का भाव जागृत होता है। ऐसी ही खबर हम आज के आर्टिकल में लेकर आए हैं। जिसको जानकर सभी लोग हैरान हो जाएंगे और आपको दोस्तों यहां लगेगा भी नहीं कि यहां सच है किंतु यहां वास्तव में आज कलयुग में सच है। जिसको हम आगे विस्तार से जानेंगे।

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551 KM दूर से 11 दिन में राम भक्ति में एक कुत्ता पहुंचा अयोध्या!

इस वक्त प्रभु राम की भक्ति में भारत के सभी लोग झूम रहे हैं। दोस्तों आपको जानकार विश्वास भी नहीं होगा कि आखिर एक कुत्ते ने करीब 1000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा तय कर ली है। करीब इसको चलते-चलते 11 दिन हो गए थे। इसको लोगों ने एक दो बार भागने की कोशिश की किंतु इसने हार नहीं मानी और अयोध्या के लिए पैदल पदयात्रा को चुन लिया। इस कुत्ते का नाम रामप्यारी बताया जा रहा है। पैदल यात्रा को सफल पूर्वक तय करके यहां भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी की नगरी में पहुंच चुकी है। भगवान श्री राम जी की नगरी में इसका पूर्ण सम्मान के साथ स्वागत किया गया। हैरानी की बात यहां की इसने किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाया। मतलब कि रास्ते में जितने भी राम भक्त अयोध्या जा रहे थे या बाकी जो अन्य लोग थे इसने उनको तनिक भी परेशान नहीं किया। दोस्तों आप जान चुके होंगे कि भगवान राम जी के अयोध्या में विराजमान होने से इंसान ही नहीं बल्कि सभी चाहे वहां किसी भी रूप में हो सब राममय सागर में डूब चुके हैं। जब त्रेता काल में प्रभु राम का राजतिलक हुआ था तब पूरे ब्रह्मांड ने राममय सागर में डुबकी लगाई थी। आज कलयुग में भी त्रेता काल की कुछ झलक साक्षात दिखाई दे रही है। फिर से आज भारत ही नहीं पूरा विश्व भगवान राम के प्रेम में मग्न हो गया है। इसमें सभी पृथ्वी पर जितने भी जीव जंतु इंसान चाहे कोई भी हो वहां प्रभु के प्रेम में मग्न हो रहे हैं। अब इसके पीछे चमत्कार कहे या कोई और बात लेकिन यहां वास्तव में सच है।

 

लगातार 350 किलोमीटर से पैदल चल रहा है कुत्ता

दोस्तों एक इंसान के लिए तो इतना मतलब की साड़ी 350 किलोमीटर पैदल चलना नामुमकिन है। पर यह जानवर होकर भी भगवान की प्रेम को हृदय में रखकर लगातार 350 किलोमीटर से पैदल यात्रा करके अयोध्या भगवान राम जी के दर्शन करने के लिए पहुंच चुका है। मतलब इस कुत्ते ने शायद कसम खाई होगी कि अब तो अयोध्या जाकर ही रुकना है। कई सारे राम भक्तों ने इसको पीने के लिए दूध दिया साथ में इसको गद्दे पर अपने साथ बैठाया भी। जहां पर राम भक्त विश्राम करते हैं वहीं पर यह जानवर रूप में राम भक्त विश्राम करने बैठ जाता है। इसको किसी ने भी विवश नहीं किया यहां अपने मन से अयोध्या के लिए पैदल पदयात्रा को चुनकर आगे बढ़ा है। यहां कुत्ता कोई पालतू नहीं है इसको किसी ने पाला नहीं है यह एक साधारण सा कुत्ता है। राम भक्त जब अयोध्या के लिए निकले तब यहां भी उनके साथ निकल पड़ा। जब यहां कुत्ता लोगों के साथ 30-40 किलोमीटर आगे बढ़ा तब इसको लोगों ने भागने की कोशिश की लेकिन इसने तो जैसे कसम ही खाई थी कि अयोध्या तो किसी भी हालत में जाना है। इतना ही नहीं जहां भी इन राम भक्तों का स्वागत किया गया है वहां इस कुत्ते का भी बहुत आदर सम्मान से स्वागत किया कई लोगों ने इसके चरण स्पर्श किया इसको गले लगाया। राम भक्तों का मानना नहीं कि यहां कुत्ता साक्षात ईश्वर का ही अंश है।

 

कुत्ते ने राम भक्तों को सांड के चंगुल से बचाया

जब अयोध्या के लिए जो राम भक्त निकल पड़े थे तब यहां कुत्ता भी उनके साथ पैदल यात्रा कर रहा था जब रास्ते में एक खतरनाक सांड ने राम भक्तों पर हमला किया तब इस कुत्ते ने उस सांड को भगाया और राम भक्तों को सुरक्षित बचाया भी। दोस्तों आप चौंक जाएंगे इन भक्तों के साथ उस वक्त पुलिस व कई सारे लोग भी थे लेकिन वे नाकामयाब रहे वहीं इस कुत्ते ने नाकामयाब को सफल करके दिखाया है। तभी से राम भक्तों ने इस बेजुबान जानवर को ईश्वर का अंश मान लिया। सभी राम भक्तों ने मिलकर इसका नाम रामप्यारी रख दिया। राम भक्तों में एक बुजुर्ग बाबा का कहना है कि यहां राम के प्यार में दीवानी हो गई है तो इसलिए इसका नाम रामप्यारी होना चाहिए।

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