Malware क्या है? इसके प्रकार और बचाव।

इस आर्टिकल में हम आज Malware के बारे में चर्चा करेंगे। आज के समय में सभी कंप्यूटर से जुड़े हैं। कंप्यूटर निरंतर लोगों के लिए उपयोगी बनता जा रहा है। कंप्यूटर प्रत्येक क्षेत्र में अपना अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। दोस्तों आपको ज्ञात होगा कि वर्तमान समय में Online Work, Online Study, Banking Work इत्यादि कंप्यूटर के माध्यम से संभव होते हैं।‌ पर आपने कभी कंप्यूटर सिक्योरिटी के बारे में ध्यान दिया।
दोस्तों अगर कंप्यूटर में खतरनाक वायरस आ जाए तो वहां आपके डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकता है। आपका सारा डाटा या डाक्यूमेंट्स सब नष्ट हो जाते हैं तथा यहां भी माना जाता है कि कंप्यूटर में खतरनाक वायरस आ जाए तो कंप्यूटर डिवाइस दोबारा सही से वर्क नहीं करता है।


Malware एक ऐसा सॉफ्टवेयर या वायरस होता है जो कंप्यूटर को हानि पहुंचाने का काम करता है।
तो आइए दोस्तों Malware से संबंधित जानकारियां बिना समय गवाएं विस्तार से जानते हैं –

 

Malware क्या है ?

Malware का पूरा नाम Malicious Software है। यह एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम होता है जो कम्प्यूटर को हानि पहुंचाता है। मतलब एक ऐसा खराब सॉफ्टवेयर जो की बिलकुल भी ठीक नहीं है यदि यह System में आ जाता है तो यह आपके system को पूरी तरह से खराब कर सकता है।
Malware एक Virus का नाम है। जो आपके System के Data को धीरे-धीरे खत्म करने लगता है। Malware हमारे System में इन्टरनेट के माध्यम से आते है क्योंकि आज के दौर में इंटरनेट हर समय हर क्षेत्र में काम आता है।
इन्टरनेट से जानकारी हासिल करते समय हम किसी Malicious Site पर चले जाते है या फिर कही से Pirated Software, Games, Movies डाउनलोड कर लेते है तो Malware Online हमारे कम्प्यूटर में प्रवेश कर लेते हैं तथा कंप्यूटर में जो महत्वपूर्ण डेटा होता है उसको Destroy कर देता है।

 

Malware के प्रकार –

मैलवेयर कई प्रकार के होते हैं लेकिन कुछ प्रमुख प्रकार निम्नलिखित तरीके से दर्शाए गए हैं –

  1) Worms :

Worms एक Virus की तरह होते है लेकिन ये अपने आप की संख्या को multiply कर लेते हैं अर्थात् अपने आप को ज्यादा-से-ज्यादा फैलाने की कोशिश करते है यदि आपके system में Worms आ गया है तो वो अलग-अलग File की बहुत सारी Copies बनाना शुरू कर देते हैं। जिसकी वजह से system धीमा हो जाता है और यदि उसी File को हम Copies कर दूसरे कम्प्यूटर के साथ Share करते है तो Worms वहां भी जाकर Files की बहुत सारी Copy बनाकर उस कम्प्यूटर को भी Slow कर देता है।

  2) Trojan Horse :

यह एक खतरनाक Malware है। ये Malware आपके कम्प्यूटर में पहचान छुपा के आते है। जैसे – मान लीजिये आप इन्टरनेट का उपयोग कर रहे है और आपने किसी Website पर Visit किया और आप वहां पर किसी Advertisement पर क्लिक कर देते हैं तो Trojan Horse Malware आपके कम्प्यूटर में उसके जरिये ही आ जाएगा और आपको इसकी खबर भी नहीं होगी और आपका System पूरी तरह से खराब हो जायेगा। ये बहुत सारे सॉफ्टवेयर के रूप में इन्टरनेट पर मौजूद रहते है। यदि ये आपके कम्प्यूटर में आ जाते है तो ये आपके Computer को slow करना शुरू कर देते है। उसके साथ ही वो एके दरवाजा खोल देते है जिससे और Virus और Worms आपके कम्प्यूटर में आ जाए।

  3) Virus :

Computer Virus को एक छोटा सा प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर कह सकते है। वायरस अगर किसी भी कंप्यूटर में आ जाता है तो वायरस उस डिवाइस को हैंग कर देता है। कहने का मतलब उस डिवाइस को ऐसा बना देता है कि उसे ठीक कर पाना बहुत मुश्किल होता है। कंप्यूटर वायरस इतना खतरनाक होता है कि यहां अपने आप कॉपी होता है या अपने आप बढ़ता चला जाता है।

  4) Ransomware :

Ransomware जिस भी सिस्टम के अंदर प्रवेश करता है। उस सिस्टम को पूरी तरह से encrypt कर देता है। कहने का अर्थ उस सिस्टम या फ़ाइलों को अपने दबाव के under में रखता है।
सन् 2017 में रैंसमवेयर के केस में लाखों कंप्यूटरों को हैक किया गया था। उस समय पर्सनल डाटा सभी के लिए महत्वपूर्ण होता था खासकर कुछ बड़ी-बड़ी कंपनीज थी। उनके लिए पर्सनल डाटा बहुत ज्यादा ही महत्वपूर्ण था जब बड़ी-बड़ी कंपनीज में रैंसमवेयर का अटैक होता था। या कंपनीज का पूरा डाटा किसी के कब्जे में होता था तब उनसे Ransomware pay के लिए कहा जाता था।
कंपनीज के pay करने के बाद भी उनकी कुछ फाइल्स को डिलीट कर दिया जाता था। रैंसमवेयर बहुत ही खतरनाक होता है।

  5) Adware :

एडवेयर का काम किसी भी डिवाइस में इंस्टॉल होकर उसमें भिन्न-भिन्न प्रकार के Ads को दिखाना एवं revenue (आय) बनाना। एडवेयर किसी भी फाइल के माध्यम से कंप्यूटर में अपनी जगह बना लेता है और फिर आपका कंप्यूटर अपने आप Ads दिखाने लग जाता है। यह ज्यादातर जो व्यक्ति Crack Application का उपयोग करते हैं। उसके द्वारा कंप्यूटर में प्रवेश करता है। एडवेयर की वजह से आपका कंप्यूटर सही तरीके से वर्क नहीं कर पाता है।

  6) Spyware :

Spyware बहुत ही Unique तरह का होता है। यहां किसी भी कंप्यूटर सिस्टम में इंस्टॉल होता है व अपने आप Backdoor बना लेता है। मतलब ये एक उपयोगकर्ता के सभी डेटा पर पूरी तरह से नजर रखता है।
आसान शब्दों में कहे तो स्पाइवेयर उपयोगकर्ता द्वारा कैमरा एक्सेस करना, वॉइस एक्सेस करना एवं कीबोर्ड में कौन सी Keys टाइप करना इत्यादि को रिकॉर्ड करने की एक अद्भुत कला रखता है।

 

Malware कैसे फैलता है ?

मैलवेयर कई प्रमुख रूपों से फैल सकता है। आइए कुछ निम्नलिखित तरीकों से जानते हैं –

  • मैलवेयर अक्सर वेबसाइट, ईमेल अटैचमेंट, ऑनलाइन विज्ञापन या अन्य स्रोतों से इंटरनेट के माध्यम से डाउनलोड हो सकते है।

  • फिशिंग के माध्यम से भी मैलवेयर फैल सकते हैं। क्योंकि यहां इतनी आसान method हैं। जिससे किसी के भी अकाउंट के id और password का पता लगाया जा सकता है।

  • यदि आप अपने कंप्यूटर में किसी भी Pendrive को या CD (Compact Disc) का प्रयोग करते हैं। तो इन के माध्यम से भी मैलवेयर फैलने की संभावना रहती है।

  • सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति के द्वारा मैसेज द्वारा भेजी गई फाइलों को open करने से भी मैलवेयर आ सकता है।

  • इंटरनेट के माध्यम से मैलवेयर आने की बहुत संभावना रहती है क्योंकि ज्यादातर मैलवेयर इंटरनेट के माध्यम से ही आपके कंप्यूटर में आते हैं।

  • अपने डिवाइस को किसी दूसरे डिवाइस से कनेक्ट नहीं करना चाहिए। उसके द्वारा भी कुछ हद तक Chance रहता है।

 

Malware से अपने सिस्टम को बचाने के कुछ उपाय –

मैलवेयर से अपने सिस्टम को बचाने के लिए कुछ tips बताई गई है। जिनको नियमानुसार Follow करने से आप अपने सिस्टम में कुछ बड़ी हानि होने से बचा सकते हैं।

  1) अपने सिस्टम में आप एक उच्च-गुणवत्ता एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर को स्थापित करें व नियमित रूप से अपडेट करते रहे।

  2) Firewall का भी उपयोग कर सकते हैं। जोकि बहुत ही लाभकारी है। यहां आपके डिवाइस में इंटरनेट के माध्यम से वायरस को आने से रोकती है और आपके डिवाइस में जो हानिकारक फाइल्स या वायरस पहले से स्थित है। उसे नष्ट करती है।

  3) Netlux एक सिक्योरिटी सिस्टम होता है। जिसका कार्य स्कैनिंग का होता है। इसकी एक खास बात यह है कि ये Full System Scan की सुविधा भी प्रदान करता है। यहां आपके कंप्यूटर के लिए एक अच्छा सिक्योरिटी सिस्टम है। आधुनिक युग में ज्यादातर कंप्यूटर्स में इसी का ही उपयोग होता है।

  4) अपने डिवाइस में Pendrive का Use करने से पहले Pendrive को अच्छे से स्कैन करना चाहिए। स्कैनिंग के माध्यम से Pendrive में जो भी वायरस है उसका आसानी से पता लगाया जाता है तथा उसको स्कैनिंग के द्वारा हटाया भी जा सकता है।

  5) नियमित रूप से आपके डिवाइस में मौजूद जो ब्राउज़र, एंटीवायरस एवं ऑपरेटिंग सिस्टम इत्यादि होते हैं उनको अपडेट करते रहने से वायरस का Chance बहुत कम होता है।

 

Malware के नुकसान –

सभी कार्यों में कंप्यूटर की आवश्यकता होती है पर कुछ कार्य ऐसे भी होते हैं। जो कंप्यूटर कि मदद से ही पूरे होते हैं। मतलब कंप्यूटर के बिना मुमकिन ही नहीं है और अगर मान लीजिए ऐसे में कंप्यूटर अगर काम करना बंद कर दें या फिर उसमें Malware आ जाए तो यह आपके लिए नुकसान दायक हो सकता है।
Malware से आपको निम्नलिखित तरीकों से नुकसान होते हैं जैसे –

  ✧ आपके डिवाइस में जो बड़ी मेहनत से सेव किया हुआ डाटा होता है। वहां क्षणभर में नष्ट हो जाता है।

  ✧ आपकी पर्सनल जानकारियां चोरी हो जाती है या फिर गलत हाथों में चली जाती है। जो उन जानकारियों का दुरुपयोग करता है।

  ✧ Malware द्वारा आप की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकती है। यह काम एक अपराध के दायरे में आता है।

  ✧ Malware कंप्यूटर सिस्टम को पूरी तरह से काम ना करने योग्य (unworkable) जैसा बना देता है

  ✧ आपका कंप्यूटर सिस्टम पहले की तुलना में एक तरह से बहुत Slow वर्क करता है।

 

निष्कर्ष –

दोस्तों इस आर्टिकल में आपको Malware के बारे में सभी जानकारियां समझ में जरूर आई होगी। किसी भी तरह के वायरस को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
क्योंकि आपका जितना भी पर्सनल डाटा होता है वहां खतरे में पड़ सकता है। इसलिए सभी को Computer Security पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है।

दोस्तों मुझे आशा है। कि आपको Malware की सभी जानकारियां बहुत पसंद आई होगी। इन सभी जानकारियों को अपने Friends एवं Family के साथ जरूर शेयर करें और अगर आपका कोई सा भी question है तो निसंकोच कमेंट में पूछ सकते हैं।

Be safe Be alert

 

“Thanks To All”

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